जीवन

‘जीवन’ तृतीय कृति है श्रीमती किरण खेरूका की| जीवन विभिन्न अनुकूल/प्रतिकूल परिस्थितियों में गुजरता है| किस परिस्थिति में मन में क्या भाव प्रस्फुटित होते हैं यह जीवन की कविताओं में बताया गया है| यह एक काव्य संग्रह है जिसमें अतुकांत कविताएं हैं जो मन को छूती हैं|

 

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